आती है अब भी कई आवाज़े
पर वो सारी कुछ दबी-दबी सी है
इस हवा में कुछ कमी सी है .....
आज भी है कई बादल मेरे आस पास
पर उनके अन्दर नहीं है
वो बरस पड़ने का बिश्वास
उनके इरादों में कुछ नमी सी है
इस हवा में कुछ कमी सी है ....
बैठा है हर कोई आज किसी कोने में
खोजता हुआ कहीं कुछ .......किसी शुन्य में
हर किसी की सांसो में एक सिसक सी है
इस हवा में कुछ कमी सी है...
